इन 3 घरों में कभी नहीं रहती माँ लक्ष्मी, परिवार पर छाए रहते हैं गरीबी के बादल!

विष्णु पुराण में माँ लक्ष्मी को लेकर कईं चीज़ें उल्लेखनीय हैं. हिन्दू धर्म में लक्ष्मी देवी को धन की देवी माना जाता है. ऐसे में लक्ष्मी माँ का हर घर में जाना अपने साथ साथ सुख समृद्धि और धन की वर्षा लाता है.

कुल मिलाकर यह मान लीजिए कि घर में लक्ष्मी का वास सुख और शान्ति का पूरक है. ऐसे में अगर किसी भी घर आपको सुख शांति महसूस हो तो इसके पीछे माँ लक्ष्मी का आशीर्वाद ही होगा.

देवी लक्ष्मी ने इंद्र देव को धन संबंधी क्या-क्या उपदेश दिए थे, वह सब विष्णु पुराण के धार्मिक ग्रंथ में दर्ज है. इस ग्रंथ में यह बात साफ़ लिखी है कि जिन लोगों से धन की देवी यानी माँ लक्ष्मी रूठ जाती हैं, वह चाहे लाख यतन क्यूँ ना कर लें, माँ लक्ष्मी उनपर कभी मेहरबान नहीं होती.

बहुत से लोग माँ लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए सच्चे मन से उनकी भक्ति एवं पूजा-पाठ करते हैं. जबकि कुछ लोग माँ लक्ष्मी को घर में रखने के लिए टोने टोटकों का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन आपको हम बता दें कि टोने टोटके समझदारी की बात नहीं बल्कि यह माँ लक्ष्मी को और क्रोध दिला देते हैं

जिससे वह उस घर में जाने से हमेशा के लिए दूरी बना लेती हैं. आज हम आपको ऐसे कुछ घरों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहाँ माँ लक्ष्मी कभी जाना पसंद नहीं करती. जिसके कारण उस घर में गरीबी एवं कलेश बढ़ते रहते हैं और परिवार को कभी शांति नहीं मिलती.

हमारी वाणी हमे अच्छे और बुरे लहजे से रूबरू करवाती है. अगर हम किसी को कड़वे शब्द बोलते हैं तो सुनने वाले के ऊपर हमारा अच्छा प्रभाव नहीं पड़ता. वह खुद को अपमानित महसूस करता है और साथ ही हमे भी नीच मानता है. यदि किसी को हम कड़वा बोलते हैं तो बदले में वह भी हमे कड़वा जवाब ही देगा.

वहीँ अगर हम अपनी वाणी में थोड़ी शहद जैसी मिठास घोल दें तो इससे सुनने वाले के ऊपर हमारी अच्छी छवि पड़ेगी और वह दिल से हमारा सम्मान करेगा. विष्णु पुराण में साफ़ साफ़ लिखा है कि जो लोग कडवी वाणी एवं अपशब्दों का इस्तेमाल करते हैं, माँ लक्ष्मी उनसे रूठ जाती है और उनके घर कभी लौट कर नहीं आती.

जिसके कारण उनके परिवार को कईं सारे संकटों का सामना करना पड़ता है. पैसा कमाने के लिए भले ही हम लाख मेहनत क्यूँ ना कर लें, मगर हमारे अपशब्द हमे अमीर कभी नहीं होने देंगे.

जिस घर का सदस्य बात बात पर गुस्सा करता है और अपनों को गालियाँ देकर अपमानित करता है, उस घर में माँ लक्ष्मी रहना पसंद नहीं करती. गुस्सा हमे नकारत्मक चीज़ें करने पर मजबूर करता है.

बहुत से घरों में पति पत्नी के रिश्ते के टूटने के कारण उनका गुस्सा और ईगो ही होती है. इसके विपरीत यदि घर में गुस्से की जगह हम प्यार से रहे तो यह हमारी सकारात्मक ऊर्जा को दर्शाता है. जो लोग सच्चे दिल से प्यार करना और अपनों की कदर करना जानते हैं, माँ लक्ष्मी सदैव उन पर अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखती हैं.

जिस घर में पंडितों या धार्मिक ग्रंथो का अपमान किया जाता है, उस घर से माँ लक्ष्मी हमेशा के लिए रूठ कर चली जाती हैं और दोबारा नहीं लौटती. धार्मिक ग्रंथों को विष्णु पुराण में बेहद ऊंचा और ख़ास स्थान दिया गया है.

इसके इलावा जिन घरों में दीये नहीं जलाए जाते, उस घर में भी धन की कृपा आणि बंद हो जाती है और माँ लक्ष्मी कभी मुद कर उस घर को नहीं देखती.

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