पूर्णिमा का शुक्रवार कलसे इन 4 राशियों के घर छप्पर फाड् के बरसेगा पैसा

हिन्दू धर्म में पूर्णिमा, अमावस्या और ग्रहण के रहस्य को उजागर किया गया है। इसके अलावा वर्ष में ऐसे कई महत्वपूर्ण दिन और रात हैं जिनका धरती और मानव मन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। उनमें से ही माह में पड़ने वाले 2 दिन सबसे महत्वपूर्ण हैं- पूर्णिमा और अमावस्या। पूर्णिमा और अमावस्या के प्रति बहुत से लोगों में डर है। खासकर अमावस्या के प्रति ज्यादा डर है। वर्ष में 12 पूर्णिमा और 12 अमावस्या होती हैं। सभी का अलग-अलग महत्व है।

हर किसी की यह इच्छा होती है कि उसे वह सब कुछ प्राप्त हो सके जो वह चाहता है, परन्तु यह सब तभी हो सकता है जब हमारे पास धन हो। हम में से अनेक ऐसे व्यक्ति है जो धन तो कमा लेते है,

परन्तु कुछ जरूरी खर्चो के बाद हमे यह नहीं पता चल पाता की वे सारे कब औऱ कहा खर्च हो गए। यदि आप भी इस मुश्किल से गुज़र रहे है तो आज हम आपको मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के कुछ उपाय बताएंगे।

-बुधवार को पुष्य नक्षत्र में, कुशमूल को गंगाजल से स्नान करायें। कुशमूल को देवता मान कर, उसकी पूजा करके, लाल कपड़े में लपेट कर, तिजोरी में रखें। धनवर्षा होने लगेगी।

-अश्वत्थ वृक्ष के नीचे शिव प्रतिमा रखें। रोज़ शिव प्रतिमा पर, जल चढ़ाकर धूप दीप दिखायें। पेड़ के नीचे ”ओम नम:  शिवाय” मंत्र की 5 माला जपें। शाम को प्रतिमा का ऐसे ही पूजन करें। धन आगमन के नये स्रोत खुल जायेंगे।

-घर के मुख्य द्वार पर सरसों के तेल का दीप जलायें। दीपक बुझने पर बचे हुये तेल को, पीपल के पेड़ पर शाम होने पर चढ़ा दें। 7 शनिवार ऐसा करने से धन की कमी नहीं रहेगी।

-रोज़ किसी को, कुछ न कुछ दान दें। लेकिन दान लेने वाले को घर की दहलीज में न आने दें। ऐसा करने से लक्ष्मी जी प्रसन्न होकर, दानकर्ता के भाग्य का धन, आपकी झोली में डाल देंगी।

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