29 जून योगिनी एकादशी 2 शब्द का यह मंत्र बोल दे सोते समय कालसर्प दोष से तुरंत मुक्त

आषाढ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी के दिन योगिनी एकादशी व्रत का विधान है. इस वर्ष 29 जून 2019 के दिन योगिनी एकादशी का व्रत किया जाना है. इस शुभ दिन के उपलक्ष्य पर विष्णु भगवान जी की पूजा उपासना की जाती है.

इस एकादशी के दिन पीपल के पेड की पूजा करने का भी विशेष महत्व होता है.

योगिनी एकादशी व्रत पूजा विधि |
इस एकादशी का महत्व तीनों लोकों में प्रसिद्ध है. इस व्रत को करने से समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं तथा मुक्ति प्राप्त होती है.

योगिनी एकादशी व्रत करने से पहले की रात्रि में ही व्रत एक नियम शुरु हो जाते हैं. यह व्रत दशमी तिथि कि रात्रि से शुरु होकर द्वादशी तिथि के प्रात:काल में दान कार्यो के बाद समाप्त होता है.

एकादशी तिथि के दिन प्रात: स्नान आदि कार्यो के बाद, व्रत का संकल्प लिया जाता है. स्नान करने के लिये मिट्टी का प्रयोग करना शुभ रहता है. इसके अतिरिक्त स्नान के लिये तिल के लेप का प्रयोग भी किया जा सकता है.

स्नान करने के बाद कुम्भ स्थापना की जाती है, कुम्भ के ऊपर श्री विष्णु जी कि प्रतिमा रख कर पूजा की जाती है. और धूप, दीप से पूजन किया जाता है. व्रत की रात्रि में जागरण करना चाहिए.

दशमी तिथि की रात्रि से ही व्रती को तामसिक भोजन का त्याग कर देना चाहिए और इसके अतिरिक्त व्रत के दिन नमक युक्त भोजन भी नहीं किया जाता है. इसलिये दशमी तिथि की रात्रि में नमक का सेवन नहीं करना चाहिए.

योगिनी एकादशी व्रत कथा |
योगिनी एकादशी के संदर्भ में एक पौराणिक कथा जुडी़ हुई है जिसके अनुसार अलकापुरी नाम की नगरी में एक कुबेर नाम का राजा राज्य करता था. वह भगवान शिव का अनन्य भक्त था. वह भगवान शिव पर हमेशा ताजे फूल अर्पित किया करता था.

जो माली उसके लिए पुष्प लाया करता था उसका नाम हेम था हेम माली अपनी पत्नि विशालाक्षी के साथ सुख पूर्वक जीवन व्यतीत कर रहा था. एक दिन हेममाली पूजा कार्य में न लग कर,

अपनी स्त्री के साथ रमण करने लगा. जब राजा कुबेर को उसकी राह देखते -देखते दोपहर हो गई. तो उसने क्रोधपूर्वक अपने सेवकों को हेममाली का पता लगाने की आज्ञा दी.

जब सेवकों ने उसका पता लगा लिया, तो वह कुबेर के पास जाकर कहने लगे, हे राजन, वह माली अभी तक अपनी स्त्री के साथ रमण कर रहा है. सेवकों की बात सुनकर कुबेर ने हेममाली को बुलाने की आज्ञा दी.

जब हेममाली राजा कुबेर के सम्मुख पहुंचा तो कुबेर ने उसे श्राप दिया कि तू स्त्री का वियोग भोगेगा मृत्यु लोक में जाकर कोढी हो जायेगा. कुबेर के श्राप से वह उसी क्षण स्वर्ग से पृथ्वी लोक पर आ गिरा और कोढी हो गया. स्त्री से बिछुड कर मृ्त्युलोक में आकर उसने महा दु;ख भोगे.

परन्तु शिव जी की भक्ति के प्रभाव से उनकी बुद्धि मलीन न हुइ और पिछले जन्म के कर्मों का स्मरण करते हुए. वह हिमालय पर्वत की तरफ चल दिया. वहां पर चलते -चलते उसे एक ऋषि मिले.

ऋषि के आश्रम में पहुंच गया. हेममाली ने उन्हें प्रणाम किया और विनय पूर्वक उनसे प्रार्थना की हेममाली की व्यथा सुनकर ऋषि ने कहा की मैं तुम्हारे उद्वार में तुम्हारी सहायता करूंगा.

तुम आषाढ मास के कृ्ष्ण पक्ष की योगिनी नामक एकादशी का विधि-पूर्वक व्रत करो इस व्रत को करने से तुम्हारे सभी पाप नष्ट हो जाएंगे. मुनि के वचनों के अनुसार हेममाली ने योगिनी एकादशी का व्रत किया.

व्रत के प्रभाव से वह फिर से अपने पुराने रुप में वापस आ गया और अपनी स्त्री के साथ प्रसन्न पूर्वक रहने लगा.

योगिनी एकादशी व्रत का महत्व |

योगिनी व्रत की कथा श्रवण का फल अट्ठासी सहस्त्र ब्राह्मणों को भोजन कराने के समान माना गया है. इस व्रत से समस्त पाप दूर होते है. भगवान नारायण की मूर्ति को स्नान कराकर पुष्प, धूप, दीप से आरती उतारनी चाहिए तथा भोग लगाना चाहिए. इस दिन गरीब ब्राह्माणों को दान देना कल्याणकारी माना जाता है.

निर्जला एकादशी से पहले ये 6 राशि वाले कभी भी बन सकते है करोड़पति :

मेष राशि: आप राशि वाले जातकों को बहुत अत्यधिक सावधान रहने की आवश्यकता है आपको अपने ऊपर संयम बरतने की आवश्यकता है तथा मन में नकारात्मक चिंताएं एवं विचार आ सकते हैं

इसीलिए आपको काफी हिम्मत बरतने की आवश्यकता है किंतु चंद्र का गोचर आपको अनुकूलता प्रदान करेगा जिससे आप अपने शत्रुओं से बचकर रहेंगे प्रेम जीवन में साथी की तरफ से थोड़ी निंदा प्राप्त हो सकती है किंतु आप अपनी हिम्मत को ना हारे।

मिथुन राशि: व्यापार से संबंधित रखने वाले लोगों के लिए बहुत अच्छा समय है यदि कोई नया योजना के तहत कार्य करना चाहते हैं तो आपके लिए समय बहुत अच्छा है

कहीं ऐसे अचानक ही अप्रत्याशित श्रोता के सामने आ जाएंगे जिसका लाभ आपको पूरी तरह से उठाना है और अपने जीवन को पूरी तरह से बदलना है भगवान शंकर जी की कृपा आपके ऊपर बनी हुई है।

सिंह राशि: प्रेम जीवन आपके लिए बहुत अच्छा समय है यदि आप किसी व्यक्ति से अत्यधिक प्रेम करते हैं और अपने प्रेम का प्रस्ताव उसके सामने रखना चाहते हैं तो यह समय आपके अनुकूल है

आप अपने साथी को अपनेपन का एहसास अवश्य कराएं किसी भी प्रकार की गलतफहमी अपने मन में ना पालें व्यापार हेतु भी आपके लिए बहुत अच्छा समय है धन प्राप्ति के योग बन रहे हैं।

तुला राशि: इस राशि के जातकों के व्यापार में पहले से मुताबिक काफी सुधार होने वाला है और इनको अपने कार्य में कोई बड़ी सफलता प्राप्त हो सकती है लोगों के पास रुका हुआ

धन इनको प्राप्त होने की संभावना बढ़ रहे हैं तथा नए नए व्यवसाय प्राप्त होने के भी योग बन रहे हैं यह लोग कहीं लंबी यात्रा का प्रोग्राम बना सकते हैं जो इनके लिए काफी अच्छा साबित होगा।

मकर राशि: आप लोगों की मुलाकात अचानक किसी ऐसे व्यक्ति के साथ हो सकती है जिससे मिलने के बाद आपका पूरा दिन बदल सकता है यदि आप कोई नया व्यापार शुरू करना चाहते हैं

और किसी व्यक्ति को अपना सा दीदार बनाना चाहते हैं तो ऐसा करने से पहले कानूनी कार्यवाही तथा हर तरह के दस्तावेजों को पूरी तरह से जांच लें और गठबंधन बना ले क्योंकि यही करना आपके भविष्य के लिए काफी लाभदायक सिद्ध होगा और आपको अच्छा फल की प्राप्ति देगा।

मीन राशि: इस राशि के लोगों की यदि बात करी जाए तो इनके कुंडली में प्रेम योग बन रहा है जिसमें यह अपने प्रेमी से विवाह कर सकते हैं क्योंकि भगवान शंकर जी की कृपा से आपके योग में सकारात्मक संकेत प्राप्त होते हुए दिख रहे हैं

एवं भाग्य आपका पूरी तरह से साथ देगा किंतु किसी भी प्रकार की जल्दबाजी ना करें आप अपने प्रेम प्रस्ताव को शादी के रूप में परिजनों के आगे रख सकते हैं थोड़ा संयम रखें सफलता आपके हाथ में होगी।