जन्माष्टमी की रात 24 अगस्त एक झाडू चुपचाप घर में रख दे यहां औलाद भी करेगी पैसो में राज

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी इस साल 23 और 24 अगस्त दो दिन मनाई जा रही है. जन्माष्टमी के मौके पर देश भर में बाल-गोपाल के मंदिरों को सजाया गया है और हर्षोल्लास के साथ पूजा-अर्चना की जा रही है.

जन्माष्टमी (Janmashtami) के दिन भगवान विष्णु के 8वें अवतार कृष्ण ( Krishna) का जन्म हुआ था. श्री कृष्ण (Shri Krishna) के मंदिरो में देश भर में सजावट की जाती है, और आज के दिन व्रत भी रखा जाता है.

श्री कृष्ण (Shri Krishna) की झांकियां निकाली जाती हैं, जिनमें उनके साथ राधा, मां यशोदा और नंद भी नजर आते हैं. कृष्ण जन्म से जुड़ी कहानियों को भी इन झांकियों में दिखाया जाता है.

कृष्ण जन्माष्टमी (Krishna Janmashtami) के मौके पर कृष्ण भक्ति में डूबे भजन भी गाए जाते हैं, और मंदिरों में भजन संध्या का भी आयोजन होता है. कृष्ण (Krishna) भक्ति पर ढेर सारे साहित्य का सृजन भी किया गया है.

हिंदी साहित्य में सूरदास, रसखान, मीराबाई और कुंभनदास ने कृष्ण भक्ति काव्य का सृजन किया है. वहीं उर्दू साहित्य में भी हसरत मोहानी और फिराक गोरखपुरी ने श्री कृष्ण पर शायरी का सृजन किया है.

माखनचोर, नंदकिशोर, देवकीनंदन, मुरली मनोहर, गोविंद, भक्त वत्सल श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपक्ष कृष्ण पक्ष अष्टमी को रात्रि 12 बजे हुआ।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव हमें अपने पूरे परिवार के साथ आनंद से मनाना चाहिए। प्रात:काल स्नान करके घर स्वच्छ कर लड्डू गोपाल की मूर्ति को चांदी अथवा लकड़ी के पटिए पर स्थापित करना चाहिए।

दीपक लगाकर पूजन की आरती तैयार कर लें तत्पश्चात श्रीकृष्ण को आसन पर बैठाकर आवाहन करके जल, दूध, दही, घी, शहद, पंचामृत से स्नान कराएं।

स्नान कराने के बाद भगवान को वस्त्रादि पहनाकर कंकू, हल्दी, चावल, सिन्दूर, गुलाल आदि से पूजन करें, फिर फूलमाला पहनाएं व धूप-दीप बताकर भोग लगाएं, फिर आरती करें।

यह संक्षिप्त पूजन करके भगवान को झूले में बैठा दें। रात्रि 12 बजे तक कीर्तन, भजन या जाप करें। रात्रि ठीक 12 बजे पुन: आरती करके श्रृंगार करें। श्रृंगार और भोग अपनी राशि अनुसार हो तो अनन्य फल प्राप्त होता है।

मेष व वृश्चिक राशि वाले कृष्ण का श्रृंगार सिन्दूरी वस्त्र से करें व गुड़ से बनी मिठाई का भोग लगाएं।

वृषभ एवं तुला राशि वाले सफेद वस्त्र से श्रृंगार करें व माखन-मिश्री का भोग लगाएं।

मिथुन व कन्या राशि वाले हरे वस्त्र से श्रृंगार करें व मक्खन बड़े का भोग लगाएं।

कर्क राशि वाले गुलाबी मोतिया रंग या लहरिया वस्त्र से श्रृंगार करें व पंचामृत और काजू का भोग लगाएं।

सिंह राशि वाले मेहरून वस्त्र से श्रृंगार करें व रबड़ी का भोग लगाएं।

तो आइए जानतें आखिर कौन सी हैं वो 4 राशियां जिनकी किस्मत के बंद दरवाजे खुलने वाले है.

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के जीवन में ये मई का महीना बहुत लाभकारी है. मई महिने के आखिर दिन आपको बहुत बड़ी खुशखबरी मिल सकती है. जो व्यक्ति नौकरी को लेकर परेशान है,

उसके जीवन से परेशानी दूर होने वाली है. व्यपारियों को भारी मात्रा में लाभ होने वाला है. छात्रों को पढ़ाई में सफलता प्राप्त होगी. आपको अचनाक से धन की प्राप्ति हो सकती है.

तुला राशि

तुला राशि के जातको का समय बहुत ही अच्छा आने वाला है. आपके जीवन का हर दुख खत्म होगा. आपके सभी इच्छाएं पूरी होने वाली है. माँ लक्ष्मी की कृपा आप पर बनी हुई है. आपको भारी मात्रा में धन की प्राप्ति हो सकती है. आपको अपने जीवन में बहुत सारी खुशियां मिलने वाली है.

धनु राशि

धनु राशि के जातकों के जीवन में कई बदलाव होने वाले है. आपकी आर्थिक स्थिती मजबूत होने वाली है. आपके जीवन में खुशियां ही खुशियां आने वाली है. आप पर शनिदेव की अपार कृपा दृष्टि बनी हुई है. आपको अच्छे परिणाम पाने के लिए थोड़ा धैर्य रखना होगा. धन का लाभ हो सकते है.

कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों का समय बहुत अच्छा चल रहा है. आपके जीवन कई बदलाव होने वाले आप पर आज शिनदेव बहुत ज्यादा मेबरबान नजर आ रहे हैं. आर्थिक जीवन मजबूत बनेगी. साथ ही परिवार में खुशी का महौल बना रहेगा. आपको सभी कामों में सफलता प्राप्त होगी.