17 मार्च आमलकी एकादशी 2 शब्द का यह मंत्र बोल दे सोते समय कालसर्प दोष से तुरंत मुक्त

फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष में आने वाली एकादशी को आमलकी एकादशी कहते हैं। आमलकी यानी आंवला। आंवला को शास्त्रों में श्रेष्ठ स्थान प्राप्त है। विष्णु जी ने जब सृष्टि की रचना के लिए ब्रह्मा को जन्म दिया,

उसी समय उन्होंने आंवले के वृक्ष को जन्म दिया। आंवले को भगवान विष्णु ने आदि वृक्ष के रूप में प्रतिष्ठित किया है। इसके हर अंग में ईश्वर का स्थान माना गया है।

ये है आमलकी एकादशी व्रत की कथा

मांधाता बोले कि हे वशिष्ठजी! यदि आप मुझ पर कृपा करें तो किसी ऐसे व्रत की कथा कहिए जिससे मेरा कल्याण हो। महर्षि वशिष्ठ बोले कि हे राजन्, सब व्रतों से उत्तम और अंत में मोक्ष देने वाले आमलकी एकादशी के व्रत का मैं वर्णन करता हूं।

यह एकादशी फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष में होती है। इस व्रत के करने से समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं। इस व्रत का फल एक हजार गौदान के फल के बराबर होता है। अब मैं आपसे एक पौराणिक कथा कहता हूं, आप ध्यानपूर्वक सुनिए।

एक वैदिश नाम का नगर था जिसमें ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र चारों वर्ण आनंद सहित रहते थे। उस नगर में सदैव वेद ध्वनि गूंजा करती थी तथा पापी, दुराचारी तथा नास्तिक उस नगर में कोई नहीं था।

उस नगर में चैतरथ नाम का चन्द्रवंशी राजा राज्य करता था। वह अत्यंत विद्वान तथा धर्मी था। उस नगर में कोई भी व्यक्ति दरिद्र व कंजूस नहीं था। सभी नगरवासी विष्णु भक्त थे और आबाल-वृद्ध स्त्री-पुरुष एकादशी का व्रत किया करते थे।

एक समय फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की आमलकी एकादशी आई। उस दिन राजा, प्रजा तथा बाल-वृद्ध सबने हर्षपूर्वक व्रत किया। राजा अपनी प्रजा के साथ मंदिर में जाकर पूर्ण कुंभ स्थापित करके धूप, दीप, नैवेद्य, पंचरत्न आदि से धात्री (आंवले) का पूजन करने लगे और इस प्रकार स्तुति करने लगे।

ऐसे रखें आमलकी एकादशी व्रत

आमलकी एकादशी व्रत के पहले दिन व्रती को दशमी की रात्रि में एकादशी व्रत के साथ भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए सोना चाहिए।

आमलकी एकादशी के दिन सुबह स्नान करके भगवान विष्णु की प्रतिमा के समक्ष हाथ में तिल, कुश, मुद्रा और जल लेकर संकल्प करें कि मैं भगवान विष्णु की प्रसन्नता एवं मोक्ष की कामना से आमलकी एकादशी का व्रत रखता हूं। मेरा यह व्रत सफलतापूर्वक पूरा हो इसके लिए श्रीहरि मुझे अपनी शरण में रखें।

तत्पश्चात निम्न मंत्र से संकल्प लेने के पश्चात षोड्षोपचार सहित भगवान की पूजा करें।

मंत्र

‘मम कायिकवाचिकमानसिक
सांसर्गिकपातकोपपातकदुरित
क्षयपूर्वक श्रुतिस्मृतिपुराणोक्त
फल प्राप्तयै श्री परमेश्वरप्रीति
कामनायै आमलकी
एकादशी व्रतमहं करिष्ये’

– भगवान की पूजा के पश्चात पूजन सामग्री लेकर आंवले के वृक्ष की पूजा करें। सबसे पहले वृक्ष के चारों की भूमि को साफ करें और उसे गाय के गोबर से पवित्र करें।

– पेड़ की जड़ में एक वेदी बनाकर उस पर कलश स्थापित करें। इस कलश में देवताओं, तीर्थों एवं सागर को आमंत्रित करें।

– कलश में सुगंधी और पंच रत्न रखें। इसके ऊपर पंच पल्लव रखें फिर दीप जलाकर रखें। कलश पर श्रीखंड चंदन का लेप करें और वस्त्र पहनाएं।

– अंत में कलश के ऊपर श्री विष्णु के छठे अवतार परशुराम की स्वर्ण मूर्ति स्थापित करें और विधिवत रूप से परशुरामजी की पूजा करें।

– रात्रि में भगवत कथा व भजन-कीर्तन करते हुए प्रभु का स्मरण करें।

– द्वादशी के दिन सुबह ब्राह्मण को भोजन करवा कर दक्षिणा दें साथ ही परशुराम की मूर्तिसहित कलश ब्राह्मण को भेंट करें। इन क्रियाओं के पश्चात परायण करके अन्न जल ग्रहण करें।

इस आलेख में दी गई जानकारियां धार्मिक आस्थाओं और लौकिक मान्यताओं पर आधारित हैं, जिसे मात्र सामान्य जनरुचि को ध्यान में रखकर प्रस्तुत किया गया है।

आज के इस पोस्ट में हम आपको ऐसी कुछ राशियों के बारे में बताएंगे जिनकी किस्मत आने वाले 11 दिनों में पलटने वाली है. 11 दिन के बाद इन्हें हर वो खुशियां मिलने वाली है जिसके वो हक़दार हैं.

इन राशियों को अपनी कड़ी मेहनत का फल कुछ दिनों में मिल जाएगा. अब उन्हें अमीर बनने से कोई नहीं रोक सकता. कुछ ही दिनों में आपको वह सारे ऐशो-आराम मिलने वाले हैं जिसकी अब तक आपने सिर्फ कल्पना की थी.

दरअसल, 11 दिन बाद कुछ ग्रह अपने स्थान बदल रहे हैं. ग्रहों के स्थान बदलने का फायदा मुख्य रूप से इन 3 राशियों को होने वाला है. तो कौन सी हैं वो 3 राशियां? आईये जानते हैं.

मेष राशि

आज से 11 दिन बाद मेष राशि के जातकों की किस्मत पलटने वाली है. इस राशि के जातकों के जीवन में किसी ऐसे प्रतिष्ठित व्यक्ति का आगमन होने वाला है जिनकी वजह से उनका मुनाफा दोगुना हो जाएगा.

नौकरी तलाश कर रहे लोगों को किसी प्रतिष्ठित कंपनी से बहुत अच्छा ऑफर मिलने वाला है. 11 दिन बाद आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होनी शुरू हो जाएगी. कोई महंगी चीज घर आ सकती है.

आप जो भी कार्य शुरू करेंगे उसमें आपको सफलता ही मिलेगी. अपनी सेहत का ख्याल रखें. आप अपने पार्टनर या दोस्तों के साथ कहीं घूमने जा सकते हैं. 11 दिन बाद भारी धन लाभ होने की संभावना है.

सिंह राशि

सिंह राशि वालों की किस्मत 11 दिन बाद पूरी तरह पलट जायेगी. काम की वजह से थोड़ी भागादौड़ी करनी पड़ सकती है. लेकिन इस भागादौड़ी से आपको बहुत बड़ा लाभ मिलने वाला है. यदि आपका कोई सरकारी कार्य रुका हुआ है, तो कुछ दिनों में पूरा हो जायेगा.

आप जल्द ही खुद के घर में प्रवेश कर सकते हैं. नए लोगों से मिलना या सहकर्मियों का सुझाव आपके लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है. उनके सुझाव को नजरअंदाज न करें.

परिवार में आपकी जिम्मेदारियां बढ़ेंगी जिसे बखूबी निभाएंगे. मुश्किल की घड़ी आने पर पार्टनर का पूरा सहयोग मिलेगा जिससे आपका प्यार और बढ़ेगा. अटका हुआ पैसा वापस मिलने वाला है. 11 दिन बाद आप लखपति बन सकते हैं.

तुला राशि

11 दिन बाद मिथुन राशि वालों के लिए शुभ संयोग बन रहा है. पहले के अटके कार्यों में आपको सफलता हासिल होगी. स्वास्थ्य अच्छा रहेगा लेकिन पेट से संबंधित कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है.

कुछ दिनों में विदेश यात्रा पर जाना पड़ सकता है. परिवार में चल रहे कलेश खत्म हो जाएंगे. आज से 11 दिन बाद आपको कोई बहुत बड़ी खुशखबरी मिलने वाली है.

भोलेनाथ की कृपा से करोड़पति बनने की संभावना है. किस्मत आपका पूरा साथ देगी. जो भी कार्य शुरू करेंगे उसमें सफलता मिलेगी. बिज़नेस शुरू करने का अच्छा समय है.